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हजूर योग्यता के अनदेखी कर हथुआ अनुमंडल में दिहल जा रहल बा जनवितरण प्रणाली के लाइसेंस , बदले में लाखो रूपया भी लिहल जा रहल बा

गोपालगंज :

गोपालगंज जिला  में समान्य प्रशासन विभाग के  एगो  सगंठित गिरोह करीब ढाई से पांच करोड रुपया के  रिश्वत डकारे के  कथित योजना पर काम कर रहल बा . रउरा लोग के ऐह बात के जान के आश्चर्य होई की ई सब कईसे चुपचाप ऐह योजना  में अफसर बाबू आपस में मिल के  योग्यता के ठेगा  पर रख  के रिश्वत के  रसमलाई चापे के प्रक्रिया में लाग गईल बाड़े .भले ऐह बात के जानकारी जिला के डीएम साहेब के लगे ना होखे बाकिर ऐह बात के चर्चा आम लोग में खूब बा .  प्रशासनिक महकमा में घूस के  रुपया  उपर से नीचे तक बंटल जाला , तबे  त  सब केहू सुरक्षित बा .  खैर, फिलहाल समझ ली  कि कईसे  गोपागलंज औरी  हथुआ अनुमंडल में ढाई से पांच करोड तक के  घूस डकारे के  कथित योजना काम कर रहल बा . गोपालगंज में रिक्त 262 सरकारी राशन दुकान जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस सिस्टम के तहत दुकान खोले खातिर  वर्ष  2017 में आवेदन  लेके विज्ञापन निकालल गईल रहे . काफी लोग बढ चढ के ऐह   लाइसेंस के लेबे खातिर  आवेदन देहले रहे . ओकर  चयन के  प्रक्रिया जारी रहे . बाकिर  प्रशासनिक हालात अईसन भईल   कि गोपालगंज औरी  हथुआ अनुमंडल के एसडीएम बदल गईले , जिला के डीएम राहुल कुमार  के तबादला हो गईल . गंभीर व सख्त प्रवृत्ति के डीएम अनिमेष परासर के हाथे  जिला के  कमान आईल . उनकरा ऐह बात के  भनक लागल  कि पीडीएस के चयन में भारी धांधली हो रहल बा . उ पीडीएस आवेदन के  प्रक्रिया रोक के एकरा खातिर नया सिरा से आवेदन मंगले रहले . बाकिर  आवेदक लोग में  में संतोषजनक बढोत्तरी ना भईल . कईगो  पंचायत में त पिछलका  बार से कम आवेदक ही आवेदन कईले . अब ताजा हालात ई बा  कि पिछलका  दिने  दिसंबर 2019 के आखिरी में जब पीडीएस के लाइसेंस खातिर  आवेदक लोग के  मेरिट सूची प्रकाशित भईल तब ओहिमे तमाम योग्य आवेदक लोग के  के नाम नीचे रहे . कम योग्यता वाला  नंवर वन औरी  टू पर बाड़े . असली योग्यता वाला  के कागजात में कवनो  कमी बता के ओकरा के सबसे निचे पायदान पर डाल दिहल गईल बा .जईमें मुंहामुंही ई बात सामने आ रहल बा i जेकर एक नंबर पर नाम बा ओकरा से दु से तिन लाख रूपया खर्चा के नाम पर लिहल गईल बा .

दसवीं, इंटर वाला  टॉप पर, बीए एमए ,बीसीए, एमसीए,  वाला के  ठेंगा
मजदेदार बात त ई बा कि हथुआ अनुमंडल के एगो  पंचायत में त दो सीट खातिर  एक ही परिवार के दुगो लोग के  नंबर वन औरी  टू पर राखल गईल बा , जईमें एगो आवेदक सरकारी नौकरी में कार्यरत बा . एक पंचायत में त एगो  एमए पास कंडिडेट के उपर इंटर पास वाला  औरी  दसवीं पास वाला के रख के ओकर   आवेदन रिजेक्ट के लायक बतावल गईल बा . ई सब  खेल ऐसे कैसे चल रहल बा . ऐह सब के  खिलाफ दावा आपत्ति दायर करे के कहल गईल बा . बाकिर  हथुआ अनुमंडल के  हालत ई बा की चयन प्रक्रिया औरी  दावा आपत्ति के  सुनवाई के  पूरी प्रक्रिया के  संदिग्ध लग रहल बा . जवना पंचायत से दावा आपति आईल बा ओहिजा अनुमंडल में कार्यरत बाबू लोग पहिलही एक नंबर वाला से फोन कर आवेदन के कापी देके मैनेज करे के बात कह रहल  बाड़े . एकरा साथे सहायक लोग ओकर उपाय भी बता रहल बा .

अईसे जानी   घूसखोरी  के गणित
हथुआ अनुमंडल के एगो  पंचायत में एक नंबर पर आवे वाला   एगो  आवेदन ने नाम ना  छापला के   शर्त पर बतवले   कि उ एसडीएस के सहायक के  घूस देहले बाड़े जवना के चलते उनकर नाम एक नंबर पर बा अउरी उनकरा लाईसेंस मिलल तय बा . घुस केतना देहले बाड़े ई बात उ ना बतवले , लेकिन अनुमंडल में सक्रिय लोग बतावल कि ऐ  लाईसेंस लेबे  में एक से ढाई लाख तक रुपया के घूस चल रहल बा . यदि देखल जाव तब  हथुआ अनुमंडल में  कुल 93  रिक्ति बा . एहिसे अंदाजा लगा ली की केतना पैसा के वसूली भईल बा . अगर एगो पंचायत से दु लाख लिहल गईल बा तब . मीरगंज के दु तिनगो चाय अउरी मिठाई के दुकान पर घुस लेबे के अड्डा बनल बा . जहवा अनुमंडल के सहायक बोलाके घुस के रकम ले रहल बाड़े

का कह रहल बाड़े हथुआ के एसडीओ

हथुआ एसडीओ अनिल कुमार रमन कहले की घूसखोरी के कवनो बात नईखे . एहिजा अगर अईसन बात बा तब ओकर केहू शिकायत करी तब जाँच कईल जाई , जाँच में दोषी लोग पर क़ानूनी करवाई भी कईल जाई . अभी हमनी के जवन आपति आईल रहल हवे ओहिपर जाँच कर रहल बानी जा . ओकरा बाद जेकर जवन दावा बा ओहिपर भी जाँच कईल जाई . ओकर वरीयता सुंची बनावल जाई . तवना के प्रकाशन के बाद लाईसेंस दिहल जाई .




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