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कोरोना के दुसरे फेज में तुलसी अर्क, गिलोय वटी जैसे आयुर्वेदिक औषधियों की बढ़ी मांग

बिहार समेत पूरे देश भर में कोरोना की दूसरी लहर में एक ओर लोग तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं तो दूसरी ओर इससे बचाव की कवायद भी तेज हो गई है। लोग कोरोना से बचाव के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का धड़ल्ले से प्रयोग करने लगे हैं। यही कारण है कि आयुर्वेदिक काढ़ा, गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा, च्यवनप्राश और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेवाली अन्य औषधियों की मांग तेजी से बढ़ गई है। यहां तक कि कई आयुर्वेदिक दुकानों पर इन औषधियों की कमी भी हो गई है। आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश्वर प्रसाद ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए ना सिर्फ आम लोग बल्कि एलोपैथी के कई विशेषज्ञ डॉक्टर भी आयुर्वेदिक काढ़ा व औषधियों के बारे में उनसे सलाह ले रहे हैं। बताया कि आयुष काढ़ा व आयुर्वेदिक दवाइयां कोरोना से बचाव और संक्रमण के प्रकोप को कम करने में मददगार साबित हो रही हैं। यही कारण है कि इन दवाइयों की मांग काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल में भी ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है, जो कोरोना से बचाव संबंधित सलाह लेने आ रहे हैं। आयुर्वेदिक कॉलेज के उपाधीक्षक डॉ.धनंजय शर्मा ने बताया कि कोरोना के मोडरेट स्तर पर भी आयुर्वेदिक औषधियां प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं। यही नहीं, बिना लक्षण वाले लोगों को ये औषधियां गंभीर नहीं होने दे रही हैं। गिलोय, आयुष काढ़ा, योग-प्राणायाम, निर्गुंडी और बसाका के पत्ते का वाष्प व काढ़ा लेने से श्वास में काफी फायदा मिलता है। साथ ही कंठकारी जिसे रेगनी का कांटा कहते हैं का भाप लेना काफी फायदेमंद होता है। तुलसी अर्क और हल्दी का ड्रॉप जिन्हें नहीं मिल रहा है उन्हें तुलसी का 10 पत्ता और काली मिर्च का चार पत्ता प्रतिदिन चबाना चाहिए। यह काफी फायदेमंद साबित होता है। इन औषधियों का बाजार में कुछ ब्रांड से बनी-बनाई दवाइयां भी मिलती हैं जो बाजार में लगभग खत्म हो गई है। कुछ दुकानों पर बड़ी मुश्किल से मिल पा रही है। लोगों को इन औषधियों के नहीं मिलने पर निराश नहीं होना चाहिए। उन्हें गिलोय, अश्वगंधा, हल्दी, लौंग आदि का काढ़ा का सेवन करना चाहिए। 

10 से 15 गुणा तक बढ़ी मांग 
कदमकुआं में आयुर्वेदिक औषधि के एक बड़े दुकानदार ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेवाली औषधियों की खरीद करने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। तुलसी अर्क, च्यवनप्राश, रत्नप्राश, गिलोय वटी, अश्वगंधा आदि औषधियों की इतनी मांग बढ़ी है कि इसका स्टॉक ही खत्म हो गया था। अभी दूसरा स्टॉक आया है लेकिन इतनी मांग है कि कंपनियां उतनी मात्रा में सप्लाई नहीं कर पा रही हैं।




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